प्रथम देव गुरु देव जगत में, और न दूजो देवा !
Â
गुरु पूजे सब देवन पूजे, गुरु सेवा सब सेवा !!ध्रुब!!
Â
गुरु ईष्ट गुरु मन्त्र देवता, गुरु सकल उपचारा !
Â
गुरु मन्त्र गुरु तंत्र गुरु हैं, गुरु सकल संसार !!१!!
Â
Â
Â
गुरु आवाहन ध्यान गुरु हैं, गुरु पंच विधि पूजा !
गुरु पद हव्य कव्य गुरु पावक, सकल वेद गुरु दूजा !!२!!
Â
गुरु होता गुरु याग महायशु, गुरु भागवत ईशा !
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु सदाशिव, इन्द्र वरुण दिग्धिषा !!३!!
Â
Â
विनु गुरु जप तप दान व्यर्थ ब्रत, तीरथ फल नहिं दाता !
लक्ष्मीपति' नहिं सिद्ध गुरु विनु, वृथा जीव जग जाता !!४!!
Â
Â
जय मैथिली, जय मिथिला, जय बाबा लक्ष्मीनाथ (बाबाजी)
Â
Â
जितमोहन झा (जितू)
बाबूजीक नाम: श्री बैद्यनाथ झा
ज्येष्ठभ्राता: श्री पिताम्बर झा (पिंटू)
ग्राम/पोस्ट-बनगाँव, पूबाइ टोला (खौंआरे)
जिला - सहरसा (बिहार), पिन - ८५२२१२