• TAGMA - Tool & Gauge Manufacturers Association of India1
  • TAGMA - Tool & Gauge Manufacturers Association of India2
  • TAGMA - Tool & Gauge Manufacturers Association of India3
About UsCouncilMembershipEventsPublicationsUpload ArticlesContact Us
Mahuwa Ghatwarin  
great stories from india, india folktales, folk stories of bihar, mithila lok katha
Submited by: GAJENDRA THAKUR   Total Hits: 758
Default text in editor font mangal http://www.videha.co.in/ 2. महुआ घटवारिन महुआ घटवारिन परी जेकाँ सुन्दरि छलीह,जेना गूथल आँटामे एक चुटकी केसर, मुदा सतवंती छलीह। बाप गँजेरी शराबी आ’ माय सतमाय,मैभा महतारी, नजरि चोर। घरमे सतमायक राज छल। सोलह बरखक भय गेल रहथि मुदा हुनकर बियाहक चिंता ककरो नहि रहैक। परमान नदीक पुरनका घाटक मलाह प्र्रर्थना करैत छथि जे महुआक नावकेँ किनार लगा दियौक। साओन-भादवक, भरल धार, कम वयसक महुआ नहि जाऊ, एहि राति खेबय लेल नाव। एहने साओन-भादवक रातिमे सतमाय घाट पर उतरल वणिक् केँ तेल लगेबाक हेतु महुआकेँ पठबय चाहैत अछि, आ’ ओ’ जाय नहि चाहैत अछि। अपन मायकेँ यादि करैत अछि, नोन चटा केँ किए नहि मारलँह, पोसलँह एहि दिन खातिर। मुदा सतमाय साओन-भादवक रातिमे पथिककेँ घाट पार करबाबय लेल महुआकेँ पठा देलक। महुआ बिदा भेलि आ’ बीच रस्तामे अपन सखी-बहिनपा फूलमतीसँ भरि राति गप करैत रहल। केहन माय अछि जे रातिमे घाट पार करेबाक लेल कहैत अछि। माय ईहो कहलक जे पथिक पाइबला होय आ’ बूढ़ होय तँ ओकरा तेल-मालिस करबामे कोनो हर्ज नहि। ओकर मोनमे जे होय भेल तँ ओ’ पिते समान, ओकरा जेबीसँ चारि पाइ निकालि लेल जाय, अहीमे बुधियारी अछि। फूलमती कहलक- घबरायब नहि। जरेने रहू प्रेमक आगि , ओकरा लेल जे मोरंगमे आँगुर पर दिन गानि रहल अछि। मोरंगक नाम सुनि महुआ उदास भय गेलि। ओ’ फागुनमे आयत। भोरहरबा ओ’ गामपर पहुँचल आ’ माय दस बात कहलकैक। बाप नशामे आयल तँ माय ओकरो लात मारि भगा देलकैक। तखने हरकारा आयल आ’ मायक कानमे संदेश देलक। महुआ मायकेँ कहलक जे अहाँ जे कहब से हम करब। वणिक् क आदमी आयल छल,ओकरा संग महुआ घाट पर पहुँचल। वणिक् दू सिपाहेक संग नावमे बैसल। महुआ नाव खेबय लागलि। मुदा ओकरा नहि बूझल रहय जे ओकरा बेचि देल गेल छैक। सिपाही ओकरासँ पतवारि छीनि लेलक। सौदागर ओकरा कोरामे बैसाबय चाहलक, तँ ओ’ छरपटाय लागलि। सिपाही कहलक जे सभटा पाइ चुका देल गेल अछि, अहाँकेँ कोनो मँगनीमे नहि लय जा रहल छथि। महुआ स्थिर भय गेलीह। ओ’ सभ बुझलक जे महुआ मानि गेल अछि। तखने महुआ धारमे कूदि पड़लि। उल्टा धारमे मोरंग दिशि निकलि जाय चाहलक महुआ, जतय ओकर प्रेमी अछि, ओकरा लेल सात पालक नाव लेने। सौदागरक छोटका सिपाही महुआकेँ प्रेम करय लागल छल, ओहो कूदि गेल कोशिकीक धारमे, दूनू डूबि गेल। अखनो साओन-भादवक धारमे कोनो घटवारकेँ कखनो देखा पड़ैत छैक महुआ। कोनो खिस्सा वचनहारकेँ देखा जाइत अछि ओ’, आ’ शुरू भय जाइत अछि , एकटा छलीह महुआ घटवारिन..............................।
Garib Rath The Train
Patna Museum
!! BHOJH
(Videha, Mithila,Tirbhukti, Tirhut) and Maithili Language
मिथिलाक इतिहास -प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरी
Sanjay Jha: top paid CEO of America
The Science of Chhath
शुभ-दीपावली
मिथिलाक प्रसिद्ध गाम (बनगाँव)
Mithila aur mathil - kalhi aur aaee
Mithilak Beti
ENGLISH IN BIHAR
डिस्कवरी ऑफ मिथिला
Meaning of Gayatri Mantra
Relation between Karma and Punarjanma
Value of Muhuratas in Indian Culture
Importance of Dhoti in Indian Culture
Story of the 4th Avatar of Lord Vishnu, Narasimha
Lord Brahma
आराम करो
गॊनु झा नॆ बैल खरिदा
मिथिला के तरुआ
गॊनू झा पहुंचला नर्क

Read more