• TAGMA - Tool & Gauge Manufacturers Association of India1
  • TAGMA - Tool & Gauge Manufacturers Association of India2
  • TAGMA - Tool & Gauge Manufacturers Association of India3
About UsCouncilMembershipEventsPublicationsUpload ArticlesContact Us
Daku Rauhineya.  
best regional stories from videha.co.in, mithilak kahani, lok kathayen
Submited by: GAJENDRA THAKUR   Total Hits: 766
Default text in editor font mangal http://www.videha.co.in/ डाकूरौहिणेय मगध देशमे अशोकक पिता बिम्बिसारक राज्य छल। संपूर्ण शांति व्याप्त छल मुदा एकटा डाकू रौहिणेयक आतंक छल।ओकर पिता रहय डाकू लौहखुर। मरैत-मरैत ओ’ कहि गेल जे महावीर स्वामीक प्रवचन नहि सुनय आ’ जौँ कतओ प्रवचन होय तँ अप्पन कान बन्द क’ लय, अन्यथा बर्बादी निश्चित होयत। रौहिणेय मात्र पाइ बला के लुटैत छल आ’ गरीबकेँ बँटैत छल,ताहि द्वारे गामक लोक ओकर मदति करैत रहय आ’ ओ’ पकड़ल नहि जा सकलछल। एक बेर तँ ओ’ अप्पन संगीक संग वाटिकामे पाटलिपुत्रक सभसँ पैघ सेठक पुतोहु मदनवतीक अपहरण कय लेलक, जखन ओकर पति फूल लेबाक हेतु गेल रहय। जखन ओकर पति आयल तँ रौहिणेयक संगी ओकरा गलत जानकारी दय भ्रममे दय देलकैक। ओकरा बाद सुभद्र सेठक पुत्रक विवाह रहय।बराती जखन लौटि रहल छल तखन रौहिणेय सेठानी मनोरमाक भेष बनेलक आ’ ओकर संगी नर्त्तक बनि गेल।नकली नर्त्तक जखन नाचय लागल, तखन रौहिणेय भीड़मे कपड़ाक साँप चूड़ि देलक। रौहिणेय गहनासँ लदल वरकेँ उठा निपत्ता भय गेल। राजा शहरक कोतवालकेँ बजेलक।ओ’ तँ रौहिणेयकेँ पकड़बामे असमर्थता व्यक्त कएलक,आ’ कोतवाली छोड़बाक बातो कएलक। मंत्री अभयकुमार पाँच दिनमे डाकू रौहिणेयकेँ पकड़ि कय अनबाक बात कहलक। राजा ततेक तामसमे छलाह जे पाँच दिनका बाद डाकू रौहिणेयकेँ नहि अनला उत्तर अभयकुमारकेँ गरदनि काटि लेबाक बात कहलन्हि। डाकू रौहिणेयकेँ सभ बातक पता चलि गेल छलैक।अभयकुमार जासूस सभ लगेलक। रौहिणेयकेँ मोनमे अयलैक जे सेठ साहूकार बहुत भेल आब किए नहिराजमहलमे डकैती कएल जाय। ओ’ राजमहल रस्ता पर चलि पड़ल। रस्तामे वाटिकामे महावीरस्वामीक प्रवचन चलि रहल छल। रौहिणेय तुरत अपन कान बन्द कए लेलक। मुदा तखने ओकरा पैरमे काँट गरि गेलैक। महावीर स्वामी कहि रहल छलाह-“देवता लोकनिकेँ कहियो घाम नहि छुटैत छन्हि।हुनकर मालाक फूल मौलाइत नहि अछि,हुनकर पैर धरती पर नहि पड़ैत छन्हि आ’ हुनकर पिपनी नहि खसैत छन्हि। “ तावत रौहिणेय काँट निकालि कान फेर बन्न कए लेलक आ’ राजमहलक दिशि चलि पड़ल।राजमहलमे सभ पहड़ेदार सुतल बुझाइत छल।मुदा ई अभयकुमारक चालि रहय।ओकर जासूस बता रहल रहय जे डाकू नगर आ’ महल दिशि आबि रहल अछि। जखने ओ’ महलमे घुसैत रहय तँ पहरेदार ललकारा देलक। ओ’ छड़पिकय कालीमंदिर मे चलि गेल। सिपाही सभ मंदिरकेँ घेरि लेलक। ओ’ जखन देखलक जे बाहरसँ सभ घेरने अछितँ सिपाहीक मध्यसँ मंदिरक चहारदिवारी छड़पि गेल।मुदा ओतहु सिपाही सभ छल आ’ ओ’ पकड़ल गेल। राजा ओकरा सूली पर चढ़ेबाक आदेश देलकैक।मुदा मंत्री कहलन्हि जे बिना चोरीक माल बरामद केने आ’ बिना चिन्हासीक एकरा कोना फाँसी देल जाय।रौहिणेय मौका देखि कय गुहार लगेलक जे ओ’ शालि गामक दुर्गा किसान छी,ओकर घर परिवार ओहि गाममे छैक।ओ’तँ नगर मंदिर दर्शनक हेतु आयल छल,ततबेमे सिपाही घेरि लेलकैक। राजा ओहि गाममे हरकारा पठेलक,मुदा ग्रामीण सभ रौहिणेयसँ मिलल छल।सभ कहलकैक जे दुर्गा ओहि गाममे रहैत अछि मुद तखन कतहु बाहर गेल छल। अभयकुमार सोचलक जे एकरासँ गलती कोना स्वीकार करबाबी।से ओ’ डाकूकेँ नीक महलमे कैदी बनाकय रखलक।डाकू महाराज ऐश आराममे डूबि गेलाह। अभयकुमार एक दि न डाकूकेँ खूब मदिरा पिया देलन्हि।ओ’जखन होशमे आयल तँ चारू कातगंधर्व-अप्सरा नाचि रहल छल। ओ’ सभ कहलकैक जे ई स्वर्गपुरी थीक आ’ इन्द्र रौहिणेयसँ भेँट करबाक हेतु आबत बला रहथि। रौहिणेय सोचलक जे राजा हमरा सूली पर चढ़ा देलक।मुदा ओ’ सभतँ मंत्रीक पठाओल गबैया सभ छल। तखने इंद्रक दूत आयल आ’ कहलक जे रौहिणेयकेँ देवताक रूप मे अभिषेक होयतैक,मुदा ताहिसँ पहिने ओकरा अपन पृथवीलोक पर कएल नीक-अधलाह कार्यक विवरण देबय पड़तैक।तखन रौहिणेयकेँ भेलैक जे सभटा पाप स्वीकार कय लय।मुदा तखने ओ देखलक जे दैव लोकक जीव सभ घामे-पसीने अछि,माला मौलायल छैक,पैर धरती पर छैक आ’पिपनी उठि-खसि रहल छैक।ओ’ अपनपुण्यक गुणगाण शुरू कए देलक।अभयकुमार राजाकेँ कहलक जे अहाँ जौँ ओकरा अभयदान दय देबैक तँ ओ’ सभटा गप्प बता देत। सैह भेलैक। रौहिणेय नगरक बाहरक अपन जंगलक गुफाक पता बता देलकैक,जतय सभटा खजाना आ’ अपहृत व्यक्ति सभ छल। राजा कहलन्हि जे किएक तँ ओकरा अभयदान भेटि गेल छैक ताहि हेतु ओ’ सभ संपदा राखि सकैत अछि।मुदा रौहिणेय कोनोटा वस्तु नहि लेलक।ओ’ कहलक जे जाहि महावीरस्वामीक एकटा वचन सुनलासँ ओकर जान बचि गलैक,तकरदीक्षा लेत आ’ ओकर सभटा वचन सुनि जीवन धन्य करत। -------------------------------------------------------
Garib Rath The Train
Patna Museum
!! BHOJH
(Videha, Mithila,Tirbhukti, Tirhut) and Maithili Language
मिथिलाक इतिहास -प्रोफेसर राधाकृष्ण चौधरी
Sanjay Jha: top paid CEO of America
The Science of Chhath
शुभ-दीपावली
मिथिलाक प्रसिद्ध गाम (बनगाँव)
Mithila aur mathil - kalhi aur aaee
Mithilak Beti
ENGLISH IN BIHAR
डिस्कवरी ऑफ मिथिला
Meaning of Gayatri Mantra
Relation between Karma and Punarjanma
Value of Muhuratas in Indian Culture
Importance of Dhoti in Indian Culture
Story of the 4th Avatar of Lord Vishnu, Narasimha
Lord Brahma
आराम करो
गॊनु झा नॆ बैल खरिदा
मिथिला के तरुआ
गॊनू झा पहुंचला नर्क

Read more